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A Real Hunted Horror Story in Hindi | एक भूत की कहानी

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हेलो दोस्तों कैसे हो आप लोग मेरा नाम Rajan Singh हे आज मै आप लोगो के साथ अपनी एक रियल स्टोरी शेयर करनी चाहती हु| दोस्तों अगर आप लोगो के पास भी कोई रियल स्टोरी हे और ऑनलाइन पब्लिश करना चाहते हो तो आप info@postrealstory.in पर कांटेक्ट करे |

तो चलो दोस्तों स्टार्ट करते हे स्टोरी

मैं जब 6 साल का था तो गर्मियों की छुट्टी में अपने दादा-दादी के पास अपने गांव गया था। गांव में हमारे घर के पड़ौस से एक ओर घर था, जिसमें एक बूढ़ा आदमी और एक बूढ़ी औरत रहा करते थे, वो दोनों उस घर में अकेले ही रहा करते थे क्‍योंकि उनके बच्‍चे ज्‍यादातर शहर में रहा करते थें। जिस दिन मैं अपने गांव पहुचा उस दिन गांव में बहुत ज्‍यादा बारिश हो रही थी। शाम को दादा-दादी, मैं और मेरी मम्‍मी आग जलाकर बैठे थे और कुछ देर बाद जैसे ही हम खाना खाने के लिए बैठे हमारे पड़ौस से चिल्‍लाने की आवाज आने लगी। उस वक्‍त रात के 9  बज रहे थे। और बारिश भी बहुत तेज हो रही थी। तभी हमारे घर पड़ौस वाला बूढ़ा आया और वो बहुत ज्‍यादा ड़रा हुआ था। उसने मेरे दादा को बुलाया और अपने घर ले गया सुबह जब मैंने अपनी दादा से पूछा कि कल रात क्‍या हुआ था। तो दादी ने बताया की कल रात को उनको अपने खेत से घर आने में बहुत देर हो गई थी। वो दोनों बहुत भीग चुके थे। और दोनों ने आग जलाई और जैसे ही खाना खाने के लिए बैठे तो उनको सुनाई दिया जैसे कोई सीढ़ी से चढ़ता हुआ ऊपर आ रहा है। हमारे गांव के घर जमीन से ऊपर बने हुए होते है करीब 6 फिट ऊपर। इसलिए घर में जाने के लिए हर घर में सीढ़ी लगी होती है। तो उन्‍होंने सुना की कोई सीढ़ी से चढ़ते हुए ऊपर की ओर आ रहा है। उन्‍हें लगा की शायद गांव का ही कोई आदमी है और जैसे ही दोनों ने दरवाजे की तरफ देखा तो एक काला सा इंसान देखने में बिल्‍कुल परछाई जैसा जिसकी बॉड़ी पर एक भी कपड़ा नहीं था। सीधा उनके सामने आकर बैठ गया। जब वो आकर बैठा तब वो दोनो हिल भी नहीं पा रहे थे। दोनों के मुह से आवाज तक नहीं निकल पा रही थी। दोनों किसी पुतले की तरह वहां बैठे थे। वो जो कोई भी था या जो कुछ भी था वो करीब 10 मिनट तक वहीं बैठा रहा और फिर वहां से उठकर चला गया। उसके जाने के बाद वो दोनों नार्मल हुए। नार्मल होते ही उस बूढ़िया ने एक जोर से चिख मारी और फिर से बेहोश हो गई। जब मेरे दादा जी ने उनके घर में जाकर देखा तो वाकई में उनके घर में कीचड़ से आए हुए पैरों के निशान थे लेकिन, पैरों के निशान सिर्फ आने के थे जाने के नहीं। ये देखकर सब ड़र गए। फिर अगले दिन वो औरत बहुत ज्‍यादा बीमार हो गई। पूजा वगैरह भी करवाई गई लेकिन, उससे भी कुछ नहीं हुआ। ड़ॉक्‍टरों को भी दिखाया गया लेकिन, वो भी कुछ नहीं कर पाए। और उसकी मौत हो गई। मैं आज भी उस बारे में सोचता हूं तो ड़र जाता हूं कि वो क्‍या था?

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