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एक Train journey डायन के साथ | Real Horror Short Story

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हेलो दोस्तों कैसे हो आप लोग मेरा नाम Rani Singh हे आज मै आप लोगो के साथ अपनी एक रियल स्टोरी शेयर करनी चाहती हु| दोस्तों अगर आप लोगो के पास भी कोई रियल स्टोरी हे और ऑनलाइन पब्लिश करना चाहते हो तो आप info@postrealstory.in पर कांटेक्ट करे |

तो चलो दोस्तों स्टार्ट करते हे स्टोरी

मैं जो कहानी आपकों बताने जा रही हूं ये बिल्‍कुल सच है और ये मुम्‍बई में हुआ था। ये मेरी फ्रैंड की अम्‍मी के साथ हुआ था। आंटी एक शादी में गई हुई थी। जहां पर वो रहती है वहां से 4-5 स्‍टेशन की दूरी पर वो जगह थी, जहां पर वो शादी में गई थी। शादी से वापस आते हुए उन्‍हें बहुत देर हो गई थी। वो लास्‍ट लॉकल ट्रेन में बैठ गई। क्‍योंकि वो आखिरी ट्रेन थी इसलिए वो पूरी खाली थी। सिर्फ आंटी ही अकेली उसमें बैठी हुई थी।
लेकिन, फिर अगले स्‍टेशन पर एक और लैड़ उस ट्रेन में चढ़ गई। आंटी ने उस औरत को ऊपर से नीचे तक देखा। वो बहुत सजी-धजी हुई थी। सर के लेकर पैरो तक सजी हुई थी किसी दुल्‍हन की तरह। आंटी उस ट्रेन में अकेली थी इसलिए वो औरत भी उन्‍हीं के पास आकर बैठ गई। साथ बैठे हुए उन्‍होंने एक-दूसरे से थोड़ी बहुत बाते भी की। बात खत्‍म हुई तो दोनों अपनी-अपनी खिड़की में देखने लगें। आंटी अपने साईड़ वाली खिड़की में देख रही थी। और वो दूसरी औरत अपने अपोजिट साईड वाली खिड़की में देख रही थी। आंटी बीच-बीच में उस औरत की तरफ भी देख रही थी। तभी आंटी की नजर उसके पैरों पर पड़ी। उन्‍होंने उसके पैरों की ओर देखा तो वो बहुत ड़र गई क्‍योंकि कुछ देर पहले तक तो उस औरत की पैर की अंगुलिया तो थी लेकिन, अचानक से उसकी अंगुलिया गायब हो चुकी थी। उन्‍होंने देखा की उसके पैरों के पीछे वाला हिस्‍सा उनके सामने की तरफ था। वो ये देखकर बहुत ड़र गई। उनको समझ आ गया की वो औरत कोई इंसान नहीं बल्‍कि कुछ और ही है। उनकी नजरे अब भी उसके पैरो पर ही थी। तभी वो औरत गुस्‍से से आंटी की तरफ मुड़ी और आंटी को गुस्‍सें से देखने लगी। आंटी ने जोर-जोर से कुरान की आयत पढ़ना शुरू कर दिया। ऐसा करते ही वो औरत चलती ट्रेन से कूद गई। ये सब देखकर आंटी इतना ड़र गई की आंटी अगले स्‍टेशन पर ही उतर गई। और वहां जो पुलिस वाले थें उनकों सब कुछ बता दिया। आंटी ने पुलिस वालों से रिक्‍वेस्‍ट की वो उन्‍हें उनके घर तक छोड़ दें। उनकी हालत देखकर पुलिस कान्‍सटेबल उन्‍हें उनके घर तक छोड़ने आए। उस रात के बाद उन्‍होंने अकेले रात में सफर करने से तौबा कर ली।

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